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देश में हज़रत इमाम हुसैन की याद में ग़ौसे आज़म फाउंडेशन कर रहा है नेकियों के काम

भारत के बहुत से शहरों में ग़ौसे आज़म फाउंडेशन हज़रत इमाम हुसैन और शोहदा-ए-करबला की याद में बहुत से नेकियों के काम कर रहा है। जिसकी शुरुआत मोहर्रम की पहली तारीख़ से हो चुकी है। पिछले साल भी जीएएफ़ ने बहुत काम किया था, जिसे मीडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था : जीएएफ़ प्रमुख, सैफुल्लाह ख़ां

जयपुर, गोरखपुर, गाज़ियाबाद, हावड़ा, बरेली शरीफ़, संतकबीरनगर । ग़ौसे आज़म फाउंडेशन (जीएएफ़) के गोरखपुर शहर के अध्यक्ष, समाजसेवी समीर अली ने बताया कि गोरखपुर शहर में जीएएफ़ की ज़ानिब से, राष्ट्र प्रेमी, समाजसेवी, हज़रत मौलाना मोहम्मद सैफुल्लाह ख़ां अस्दक़ी साहब की सरपरस्ती में, हज़रत इमाम हुसैन रज़ीयल्लाहो अन्हो और शोहदा-ए-करबला की याद में बहुत से नेकियों के काम मोहर्रम की पहली तारीख़ से ही शुरू हो चुके हैं। मोहर्रम की पहली तारीख़ को ज़िक्रे शोहदा-ए-करबला का आयोजन किया गया। दुसरी तारीख़ को हुसैनी लस्सी बांटी गई। तीसरी को हुसैनी पेड़ पौधे (पौधारोपण) किया गया। चौथी तारीख़ को हुसैनी फल फ्रूट बांटे गए। पांचवीं को आशिक़ाने हज़रत हुसैन पर फूलों से इस्तिक़बाल किया गया और हुसैनी शर्बत बांटा गया। छठी तारीख़ को लंगरे हुसैनी बिरयानी बांटी जाएगी। सातवीं को हुसैनी लस्सी बांटी जाएगी। आठवीं को फिर लंगरे हुसैनी बिरयानी बांटी जाएगी। नवीं तारीख़ को रोज़ादारों को हुसैनी रोज़ा इफ़्तार करवाया जाएगा और मोहर्रम की दसवीं तारीख़ को एक बार फिर आशिक़ाने हज़रत हुसैन पर फूलों से इस्तिक़बाल किया जाएगा और हुसैनी शर्बत बांटा जाएगा।

ग़ौसे आज़म फाउंडेशन (जीएएफ़) के मेरठ मंडल के अध्यक्ष, समाजसेवी मोहम्मद अलतमश क़ादरी ने बताया कि जीएएफ़ गाज़ियाबाद शहर की टीम की जानिब से हज़रत इमाम हुसैन और शोहदा-ए-करबला की याद में पहली मोहर्रम को शर्बते रूह अफज़ा बांटा गया। दो, तीन, चार, पांच और छः मोहर्रम को शर्बते गुलाब रूह अफज़ा दूध के साथ बांटा गया। सात, आठ और नौ मोहर्रम को शर्बते गुलाब रूह अफज़ा दूध के साथ बांटा जाएगा और दस मोहर्रम को बिरयानी/ हलीम आदि बांटी जाएगी।

ग़ौसे आज़म फाउंडेशन (जीएएफ़) के पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष, समाजसेवी डॉक्टर एम गोस्वामी ने बताया कि जीएएफ़ पश्चिम बंगाल की टीम हावड़ा, हुगली, 24 परगना, बर्दवान आदि शहरों में हज़रत इमाम हुसैन और शोहदा-ए-करबला की याद में बहुत से नेकी के काम को अंजाम दे रही है। 56 ग़रीब बच्चों को किताबें भी बांट चुकी है। यह सिलसिला दसवीं मोहर्रम तक चलता रहेगा।

ग़ौसे आज़म फाउंडेशन (जीएएफ़) के उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष इंजीनियर अब्दुल वाहिद अंसारी ने बताया कि आंवला, ज़िला बरेली शरीफ़ की जीएएफ़ की टीम भी नेकियों के काम कर रही है। बस्ती मंडल के अध्यक्ष, समाजसेवी मोहम्मद वक़ार अहमद ने बताया कि ज़िला संतकबीरनगर में भी जीएएफ़ की टीम हज़रत इमाम हुसैन रज़ीयल्लाहो अन्हो की याद में बहुत से नेकियों के काम कर रही है।

ग़ौसे आज़म फाउंडेशन (जीएएफ़) के डायरेक्टर समाजसेवी मोहम्मद ख़ालिद सैफुल्लाह ने कहा कि अगर आपको भी है शौक़ अपना तन मन धन और वक़्त लगाकर नामूसे इस्लाम/ नामूसे मुल्क पर पहरा देने का/ देश में प्यार की गंगा बहाने का और ख़ुदा की मख़्लूक़ की ख़िदमत करने का तो संपर्क करें ग़ौसे आज़म फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, ज़िला अध्यक्ष वग़ैरा से। ग़ौसे आज़म फाउंडेशन का ओहदा/ पद/ पोस्ट मिलना बहुत ही नसीब की बात है।

About चीफ एडिटर सैफुल्लाह खां अस्दक़ी

I'm Mohammad Saifullah । I'm Founder And National President Of Ghause Azam Foundation (NGO) । I'm Chief Editor Of GAF News Network And Islamic Teacher

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